📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / VidhuKhare
शिक्षा
इंदौर में Gen-Z कार्यशाला: 24 छात्राओं को मिले 2.28 लाख रुपये की छात्रवृत्ति
✍️ Amar Ujala · Indore
🗓 03 नव. 2026, 07:36 AM
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इंदौर के महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजित Gen-Z कार्यशाला में AI और करियर अवसरों पर चर्चा हुई। 24 आर्थिक रूप से कमजोर छात्राओं को कुल 2,28,890 रुपये की छात्रवृत्ति और प्रोत्साहन पुरस्कार दिए गए।
इंदौर स्थित शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में युवाओं के लिए एक विशेष Gen-Z कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और नवीन करियर अवसरों के बारे में जागरूक करना था, ताकि वे आधुनिक उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार रह सकें।
कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने छात्राओं को तकनीक की भूमिका और भविष्य के रोजगार के मौकों पर विस्तार से जानकारी दी गई। इससे छात्राओं को डिजिटल टूल्स और AI-आधारित रुझानों का उपयोग करके अपने पेशेवर भविष्य को मजबूत बनाने के मार्गदर्शन का अवसर मिला।
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए आयोजकों ने 24 छात्राओं को छात्रवृत्ति और प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किए। कुल 2,28,890 रुपये का वितरण किया गया, जिसका उद्देश्य इन छात्राओं के आर्थिक बोझ को हल्का करना और उनकी शिक्षा को जारी रखने के लिए प्रेरित करना था।
यह पहल भारत में युवा महिलाओं को सशक्त बनाने के प्रयासों को दर्शाती है, जहाँ तकनीकी साक्षरता के साथ-साथ वित्तीय सहायता के माध्यम से उन्हें बदलते हुए रोजगार बाजार के लिए तैयार किया जा रहा है।
कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने छात्राओं को तकनीक की भूमिका और भविष्य के रोजगार के मौकों पर विस्तार से जानकारी दी गई। इससे छात्राओं को डिजिटल टूल्स और AI-आधारित रुझानों का उपयोग करके अपने पेशेवर भविष्य को मजबूत बनाने के मार्गदर्शन का अवसर मिला।
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए आयोजकों ने 24 छात्राओं को छात्रवृत्ति और प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किए। कुल 2,28,890 रुपये का वितरण किया गया, जिसका उद्देश्य इन छात्राओं के आर्थिक बोझ को हल्का करना और उनकी शिक्षा को जारी रखने के लिए प्रेरित करना था।
यह पहल भारत में युवा महिलाओं को सशक्त बनाने के प्रयासों को दर्शाती है, जहाँ तकनीकी साक्षरता के साथ-साथ वित्तीय सहायता के माध्यम से उन्हें बदलते हुए रोजगार बाजार के लिए तैयार किया जा रहा है।