📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sarbjit Bahga
स्वास्थ्य
अमृतसर: बच्ची की मौत पर परिजनों ने अस्पताल में लगाए लापरवाही के आरोप, दिया धरना
✍️ Amar Ujala · Amritsar
🗓 29 अक्टू. 2026, 03:37 PM
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अमृतसर में एक बच्ची की मौत के बाद परिजनों ने प्रदर्शन किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बच्ची की हालत गंभीर होने के बावजूद वरिष्ठ डॉक्टर मौके पर नहीं थे और वीडियो कॉल के जरिए सलाह दे रहे थे।
अमृतसर स्थित एक अस्पताल में एक छोटी बच्ची की मौत के बाद वहां तनावपूर्ण स्थिति बन गई है। मृतक बच्ची के परिजनों ने चिकित्सा स्टाफ पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि बच्ची की हालत बिगड़ने के दौरान आवश्यक देखभाल नहीं दी गई, जिससे उसकी मौत हो गई।
परिजनों के अनुसार, बच्ची की स्थिति अत्यंत गंभीर हो चुकी थी, लेकिन वरिष्ठ डॉक्टर उस समय अस्पताल में मौजूद नहीं थे। परिवार का कहना है कि चिकित्सा टीम ने वीडियो कॉल के माध्यम से सलाह ली और इलाज प्रबंधित किया, जिससे बच्ची की जान गई।
इन आरोपों के जवाब में, परिजनों ने अस्पताल परिसर में धरना दिया है। वे प्रशासन से स्पष्टीकरण और जवाबदेही मांग रहे हैं। उन्होंने इस घटना को वरिष्ठ चिकित्सकों की तत्काल उपस्थिति की कमी के कारण हुई एक बड़ी खामोशी के रूप में वर्णित किया है।
अस्पताल प्रशासन ने अभी तक वीडियो कॉल के जरिए गंभीर मरीजों के इलाज के प्रोटोकॉल के बारे में कोई विस्तृत सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया है। यह घटना स्थानीय स्वास्थ्य सुविधाओं में आपातकालीन देखभाल के मानकों और वरिष्ठ विशेषज्ञों की उपलब्धता पर प्रश्नचिह्न खड़े कर रही है।
परिजनों के अनुसार, बच्ची की स्थिति अत्यंत गंभीर हो चुकी थी, लेकिन वरिष्ठ डॉक्टर उस समय अस्पताल में मौजूद नहीं थे। परिवार का कहना है कि चिकित्सा टीम ने वीडियो कॉल के माध्यम से सलाह ली और इलाज प्रबंधित किया, जिससे बच्ची की जान गई।
इन आरोपों के जवाब में, परिजनों ने अस्पताल परिसर में धरना दिया है। वे प्रशासन से स्पष्टीकरण और जवाबदेही मांग रहे हैं। उन्होंने इस घटना को वरिष्ठ चिकित्सकों की तत्काल उपस्थिति की कमी के कारण हुई एक बड़ी खामोशी के रूप में वर्णित किया है।
अस्पताल प्रशासन ने अभी तक वीडियो कॉल के जरिए गंभीर मरीजों के इलाज के प्रोटोकॉल के बारे में कोई विस्तृत सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया है। यह घटना स्थानीय स्वास्थ्य सुविधाओं में आपातकालीन देखभाल के मानकों और वरिष्ठ विशेषज्ञों की उपलब्धता पर प्रश्नचिह्न खड़े कर रही है।