📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Diliff
अपराध
डिजिटल अरेस्ट धोखाधड़ी में हैदराबाद के बुजुर्ग दंपति का 1.5 करोड़ रुपये का नुकसान
✍️ The Times of India
🗓 31 अक्टू. 2026, 02:42 PM
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हैदराबाद के एक बुजुर्ग दंपति से साइबर अपराधियों ने नकली 'डिजिटल अरेस्ट' के बहाने 1.5 करोड़ रुपये चुरा लिए, जो मामला अब सुप्रीम कोर्ट की समीक्षा में है।
हैदराबाद में रहने वाले एक बुजुर्ग दंपति ने एक जटिल साइबर क्राइम योजना का शिकार होकर 1.5 करोड़ रुपये की धनराशि खो दी है। यह घटना 'डिजिटल अरेस्ट' धोखाधड़ी की बढ़ती चिंता को उजागर करती है, जिसमें ठगी करने वाले कानून प्रवर्तन अधिकारियों का नकल कर पीड़ितों से पैसे हड़पते हैं।
भारत के सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में डिजिटल अरेस्ट से जुड़े एक मामले की सुनवाई की, जिसने ऐसे अपराधों से जुड़ी कानूनी और सुरक्षा चुनौतियों पर प्रकाश डाला है। हालांकि हैदराबाद की इस घटना की जांच जारी है, लेकिन बुजुर्गों से इतनी बड़ी रकम का चोरी होना ऑनलाइन धोखाधड़ी के प्रति उनकी कमजोरी को दर्शाता है।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इन धोखाधड़ियों में अक्सर नकली पुलिस या कोर्ट के अधिकारी वीडियो कॉल या फोन के जरिए संपर्क करते हैं और गंभीर अपराधों में शामिल होने का आरोप लगाते हैं। पीड़ितों को 'सुरक्षित खातों' में धन स्थानांतरित करने या OTP देने के लिए मजबूर किया जाता है, जिससे अपरिवर्तनीय वित्तीय नुकसान होता है। सुप्रीम कोर्ट की प्रक्रिया इस बढ़ती हुई प्रवृत्ति को रोकने के लिए कानूनी ढांचे और रोकथाम उपायों को सुधारने के लिए है।
भारत के सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में डिजिटल अरेस्ट से जुड़े एक मामले की सुनवाई की, जिसने ऐसे अपराधों से जुड़ी कानूनी और सुरक्षा चुनौतियों पर प्रकाश डाला है। हालांकि हैदराबाद की इस घटना की जांच जारी है, लेकिन बुजुर्गों से इतनी बड़ी रकम का चोरी होना ऑनलाइन धोखाधड़ी के प्रति उनकी कमजोरी को दर्शाता है।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इन धोखाधड़ियों में अक्सर नकली पुलिस या कोर्ट के अधिकारी वीडियो कॉल या फोन के जरिए संपर्क करते हैं और गंभीर अपराधों में शामिल होने का आरोप लगाते हैं। पीड़ितों को 'सुरक्षित खातों' में धन स्थानांतरित करने या OTP देने के लिए मजबूर किया जाता है, जिससे अपरिवर्तनीय वित्तीय नुकसान होता है। सुप्रीम कोर्ट की प्रक्रिया इस बढ़ती हुई प्रवृत्ति को रोकने के लिए कानूनी ढांचे और रोकथाम उपायों को सुधारने के लिए है।