📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Mohammad Aqib Khan
खेल
डॉ टी. आओ की विरासत से नागालैंड में फुटबॉल का नया दौर, ओलंपिक की ओर
✍️ Hub News
🗓 30 अक्टू. 2026, 08:43 PM
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डॉ टी. आओ के अग्रणी योगदान से नागालैंड में फुटबॉल के नए खिलाड़ियों का समूह ओलंपिक लक्ष्य के साथ उभर रहा है।
डॉ टी. आओ, जो नागालैंड के दूरस्थ गाँव चांग्की से हैं, ओलंपिक खेलों में भाग लेने वाले पहले फुटबॉलरों में से एक बनकर इतिहास रचा। उनके छोटे शहर से विश्व मंच तक के सफर को दृढ़ता और प्रतिभा का प्रतीक माना जाता है।
हाल ही में, नागालैंड के विभिन्न फुटबॉल अकादमी और स्कूलों ने आओ की विरासत को युवा खिलाड़ियों के प्रशिक्षण में समाहित किया है। कोच तकनीकी कौशल और शारीरिक फिटनेस पर ज़ोर दे रहे हैं, जबकि राज्य फुटबॉल संघ प्रतिभा की पहचान और प्रशिक्षण यात्राओं के लिए समर्थन दे रहा है।
नए खिलाड़ियों का मानना है कि ओलंपिक अब एक दूरस्थ लक्ष्य नहीं, बल्कि प्राप्त करने योग्य लक्ष्य बन गया है। आओ के उदाहरण से प्रेरित होकर वे नागालैंड को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल मानचित्र पर ऊँचा उठाने की आशा रखते हैं।
हाल ही में, नागालैंड के विभिन्न फुटबॉल अकादमी और स्कूलों ने आओ की विरासत को युवा खिलाड़ियों के प्रशिक्षण में समाहित किया है। कोच तकनीकी कौशल और शारीरिक फिटनेस पर ज़ोर दे रहे हैं, जबकि राज्य फुटबॉल संघ प्रतिभा की पहचान और प्रशिक्षण यात्राओं के लिए समर्थन दे रहा है।
नए खिलाड़ियों का मानना है कि ओलंपिक अब एक दूरस्थ लक्ष्य नहीं, बल्कि प्राप्त करने योग्य लक्ष्य बन गया है। आओ के उदाहरण से प्रेरित होकर वे नागालैंड को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल मानचित्र पर ऊँचा उठाने की आशा रखते हैं।