📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Unknown authorUnknown author
बिज़नेस
दिल्ली के व्यापारियों ने सोनिया गांधी से 1 नवंबर के रामलीला को टालने की माँग, 10,000 करोड़ के कारोबार को खतरा
✍️ The Economic Times
🗓 30 अक्टू. 2026, 10:53 PM
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दिल्ली के व्यापारियों ने कहा कि 1 नवंबर को निर्धारित रामलीला 10,000 करोड़ रुपये के कारोबार को खतरे में डाल सकती है और उन्होंने सोनिया गांधी से इसे टालने की अपील की है।
दिल्ली के थोक‑और‑खुदरा व्यापारियों ने सोमवार को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कार्यालय के बाहर इकट्ठा होकर वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी से 1 नवंबर को निर्धारित रामलीला को पुनर्विचार करने का आग्रह किया। व्यापारियों का कहना है कि इस बड़े पैमाने पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम से शहर के केंद्र में फुट ट्रैफ़िक और माल ढुलाई में गंभीर बाधा आएगी, जिससे लगभग 10,000 करोड़ रुपये के वार्षिक कारोबार वाले व्यवसायों को नुकसान होगा।
व्यापारी संघ के अनुसार, रामलीला में अनुमानित दसियों हजार दर्शकों की भीड़ और कार्यक्रम स्थल के आसपास की सड़कों पर बंदीकरण से बाजार की गलियों तक पहुंच बाधित होगी, डिलीवरी में देरी होगी और कई दुकानों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ेगा। वे मानते हैं कि यह वित्तीय असर छोटे और मध्यम उद्यमों के लिए अपरिवर्तनीय हो सकता है, खासकर जो महामारी के बाद की पुनरुद्धार में संघर्ष कर रहे हैं।
यह अपील सोनिया गांधी के कार्यालय को औपचारिक रूप से भेजी गई है, जिसका अभी तक कोई सार्वजनिक उत्तर नहीं आया है। दिल्ली नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि वे इन चिंताओं की समीक्षा कर रहे हैं, परन्तु रामलीला की सांस्कृतिक महत्ता को भी ध्यान में रख रहे हैं, क्योंकि यह हर साल बड़ी संख्या में भक्तों को आकर्षित करता है।
यदि कार्यक्रम नियोजित अनुसार चलता रहा, तो व्यापारियों को आपूर्ति श्रृंखला और उपभोक्ता खर्च पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका है। संघ ने कार्यक्रम को स्थगित करने या कम व्यावसायिक क्षेत्र में स्थानांतरित करने की मांग की है, ताकि राजधानी की आर्थिक गतिविधियों को सुरक्षित रखा जा सके।
व्यापारी संघ के अनुसार, रामलीला में अनुमानित दसियों हजार दर्शकों की भीड़ और कार्यक्रम स्थल के आसपास की सड़कों पर बंदीकरण से बाजार की गलियों तक पहुंच बाधित होगी, डिलीवरी में देरी होगी और कई दुकानों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ेगा। वे मानते हैं कि यह वित्तीय असर छोटे और मध्यम उद्यमों के लिए अपरिवर्तनीय हो सकता है, खासकर जो महामारी के बाद की पुनरुद्धार में संघर्ष कर रहे हैं।
यह अपील सोनिया गांधी के कार्यालय को औपचारिक रूप से भेजी गई है, जिसका अभी तक कोई सार्वजनिक उत्तर नहीं आया है। दिल्ली नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि वे इन चिंताओं की समीक्षा कर रहे हैं, परन्तु रामलीला की सांस्कृतिक महत्ता को भी ध्यान में रख रहे हैं, क्योंकि यह हर साल बड़ी संख्या में भक्तों को आकर्षित करता है।
यदि कार्यक्रम नियोजित अनुसार चलता रहा, तो व्यापारियों को आपूर्ति श्रृंखला और उपभोक्ता खर्च पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका है। संघ ने कार्यक्रम को स्थगित करने या कम व्यावसायिक क्षेत्र में स्थानांतरित करने की मांग की है, ताकि राजधानी की आर्थिक गतिविधियों को सुरक्षित रखा जा सके।