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29 अक्टू. 2026•
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दिल्ली में प्रदूषण का असर: बुखार ठीक होने के बाद भी लोगों की खांसी बनी बरकरार
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prami.ap90
स्वास्थ्य

दिल्ली में प्रदूषण का असर: बुखार ठीक होने के बाद भी लोगों की खांसी बनी बरकरार

✍️ Amar Ujala · Delhi 🗓 29 अक्टू. 2026, 05:38 PM 👁 2
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दिल्ली में कई लोगों का कहना है कि बुखार और गले की खराश ठीक हो चुकी है, लेकिन प्रदूषण के कारण खांसी अब भी जारी है।

दिल्ली के निवासियों ने एक चिंताजनक स्वास्थ्य प्रवृत्ति की रिपोर्ट की है, जहां शुरुआती तीव्र बीमारियों के ठीक होने के बाद भी श्वसन संबंधी लक्षण जारी रह रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि हालांकि उनका बुखार ठीक हो गया है और गले की खराश भी खत्म हो चुकी है, लेकिन उन्हें अब भी लगातार खांसी का सामना करना पड़ रहा है।

राजधानी में जारी वायु प्रदूषण को इस लंबी खांसी का मुख्य कारण बताया जा रहा है। चिकित्सा अवलोकनों के अनुसार, खराब वायु गुणवत्ता श्वसन मार्गों को उत्तेजित कर सकती है, जिससे संक्रमण के ठीक होने के बाद भी खांसी जारी रहती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि ऐसे परिस्थितियों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) पर नजर रखना और सावधानी बरतना आवश्यक है। प्रदूषण के चरम समय में घर के अंदर रहना और बाहर जाने पर सुरक्षात्मक मास्क पहनना श्वसन तनाव को कम करने के लिए सुझाया गया है।

यह स्थिति पर्यावरणीय कारकों के सार्वजनिक स्वास्थ्य पर प्रत्यक्ष प्रभाव को उजागर करती है, जो वायु गुणवत्ता प्रबंधन को प्राथमिकता देने के लिए अधिकारियों और नागरिकों दोनों को प्रेरित करती है ताकि दीर्घकालिक श्वसन समस्याओं से बचा जा सके।
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