📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Meow
मौसम
मुरसू चक्रवात 3 नवंबर को आंध्र प्रदेश तट पर प्रहार करेगा
✍️ News On AIR
🗓 01 नव. 2026, 05:41 PM
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भारत मौसम विज्ञान विभाग ने विकसित हो रहे चक्रवात को मुरसू नाम दिया है, जो 3 नवंबर को आंध्र प्रदेश तट पर प्रहार करने की संभावना है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने विकसित हो रहे निम्न‑दबाव प्रणाली को मुरसू नाम दिया है, जो पिछले चक्रवात अर्नाब के नाम को हटाने के बाद आया है। यह प्रणाली एक चक्रवात के रूप में वर्गीकृत है और पूर्वी भारत के तट के पास आने के साथ तीव्र होने की उम्मीद है।
नवीनतम बुलेटिन के अनुसार, मुरसू 3 नवंबर को आंध्र प्रदेश के तट पर प्रहार करने की संभावना है, जिसमें अधिकतम सतत पवन गति 60–70 किमी/घंटा और केंद्रीय दबाव लगभग 985 hPa है। यह चक्रवात लगभग 15 किमी/घंटा की गति से पश्चिम‑दक्षिण‑पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है।
तटीय जिलों जैसे विजाखापटणम, श्रीकणकु और विजयनगरम के निवासियों को संपत्ति सुरक्षित करने, निम्न‑भूमि क्षेत्रों से दूर रहने और यदि आदेश जारी किया जाए तो निकासी के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। IMD ने प्रभावित क्षेत्रों के लिए चक्रवात चेतावनी संकेत संख्या 2 जारी किया है।
राज्य अधिकारियों ने आपातकालीन प्रतिक्रिया योजनाएँ सक्रिय कर ली हैं, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल को तैनात किया है और बचाव कार्यों के लिए भारतीय नौसेना व तटीय गार्ड के साथ समन्वय किया है।
नवीनतम बुलेटिन के अनुसार, मुरसू 3 नवंबर को आंध्र प्रदेश के तट पर प्रहार करने की संभावना है, जिसमें अधिकतम सतत पवन गति 60–70 किमी/घंटा और केंद्रीय दबाव लगभग 985 hPa है। यह चक्रवात लगभग 15 किमी/घंटा की गति से पश्चिम‑दक्षिण‑पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है।
तटीय जिलों जैसे विजाखापटणम, श्रीकणकु और विजयनगरम के निवासियों को संपत्ति सुरक्षित करने, निम्न‑भूमि क्षेत्रों से दूर रहने और यदि आदेश जारी किया जाए तो निकासी के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। IMD ने प्रभावित क्षेत्रों के लिए चक्रवात चेतावनी संकेत संख्या 2 जारी किया है।
राज्य अधिकारियों ने आपातकालीन प्रतिक्रिया योजनाएँ सक्रिय कर ली हैं, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल को तैनात किया है और बचाव कार्यों के लिए भारतीय नौसेना व तटीय गार्ड के साथ समन्वय किया है।