📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sohankshetty
अपराध
CBI ने तय किया टविषा शर्मा का मुकदमा मध्य प्रदेश के बाहर ले जाने का
✍️ Hindustan Times
🗓 31 अक्टू. 2026, 06:44 AM
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सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इंटेलिजेंस ने टविषा शर्मा के मुकदमे को मध्य प्रदेश के बाहर किसी अन्य क्षेत्र में स्थानांतरित करने का आदेश दिया, अनचाहे प्रभाव की चिंताओं को कारण बताया।
सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इंटेलिजेंस (CBI) ने टविषा शर्मा के मुकदमे को मध्य प्रदेश के किसी अदालत से बाहर स्थानांतरित करने का निर्देश दिया है। एजेंसी ने यह कदम अनचाहे प्रभाव के संभावित खतरे को देखते हुए उठाया है।
शर्मा का मामला कई वर्षों से लंबित है। 2015 में 15‑वर्षीय लड़की की मृत्यु के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था। यह मुकदमा राज्य के एक स्थानीय अदालत में चल रहा था, जहाँ CBI का मानना है कि बाहरी दबावों से प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
मुकदमे को किसी अन्य क्षेत्राधिकार में स्थानांतरित करके, CBI एक निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित करना चाहता है और किसी भी राजनीतिक या सामाजिक समूह के हस्तक्षेप को रोकना चाहता है। यह निर्णय अगले कुछ हफ्तों के भीतर अंतिम रूप देने की उम्मीद है।
मध्य प्रदेश की अदालत को परिवर्तन के बारे में सूचित किया जाएगा, और मामला किसी अन्य राज्य की अदालत को सौंपा जाएगा। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम उच्च‑प्रोफ़ाइल आपराधिक मामलों में न्यायिक स्वतंत्रता की रक्षा के महत्व को दर्शाता है।
शर्मा का मामला कई वर्षों से लंबित है। 2015 में 15‑वर्षीय लड़की की मृत्यु के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था। यह मुकदमा राज्य के एक स्थानीय अदालत में चल रहा था, जहाँ CBI का मानना है कि बाहरी दबावों से प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
मुकदमे को किसी अन्य क्षेत्राधिकार में स्थानांतरित करके, CBI एक निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित करना चाहता है और किसी भी राजनीतिक या सामाजिक समूह के हस्तक्षेप को रोकना चाहता है। यह निर्णय अगले कुछ हफ्तों के भीतर अंतिम रूप देने की उम्मीद है।
मध्य प्रदेश की अदालत को परिवर्तन के बारे में सूचित किया जाएगा, और मामला किसी अन्य राज्य की अदालत को सौंपा जाएगा। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम उच्च‑प्रोफ़ाइल आपराधिक मामलों में न्यायिक स्वतंत्रता की रक्षा के महत्व को दर्शाता है।