📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Skrsingh009
अपराध
बिहार: 200 रुपये की रिश्वत का 48 साल पुराना मामला आखिर बंद
✍️ Amar Ujala · Muzaffarpur
🗓 02 नव. 2026, 10:36 AM
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मुजफ्फरपुर की विशेष निगरानी कोर्ट ने बंदूक लाइसेंस सत्यापन के लिए 200 रुपये रिश्वत मांगने वाले 48 साल पुराने मामले का निष्पादन कर दिया।
बिहार में एक लंबे समय से लंबित कानूनी मामला आखिरकार निपट गया है। मुजफ्फरपुर की विशेष निगरानी कोर्ट ने 48 साल पुराने उस मामले का निष्पादन कर दिया, जिसमें अस्त्र-शस्त्र लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे।
इस मामले में बंदूक के लाइसेंस के सत्यापन के बदले 200 रुपये की रिश्वत की मांग की गई थी। हालांकि राशि मामूली थी, लेकिन यह मामला दशकों तक खुला रहा, जिससे राज्य के न्यायिक प्रणाली में जमा लंबित मामलों की समस्या को उजागर हुआ।
कोर्ट का यह फैसला उस लंबी कानूनी लड़ाई का अंत है जिसमें पुलिस और कानूनी अधिकारियों को सालों तक संलिप्त रहना पड़ा। इस घटना का समाधान क्षेत्र में प्रशासनिक विलंबता का एक प्रमुख उदाहरण था, जो अब बंद हो गया है।
इस मामले में बंदूक के लाइसेंस के सत्यापन के बदले 200 रुपये की रिश्वत की मांग की गई थी। हालांकि राशि मामूली थी, लेकिन यह मामला दशकों तक खुला रहा, जिससे राज्य के न्यायिक प्रणाली में जमा लंबित मामलों की समस्या को उजागर हुआ।
कोर्ट का यह फैसला उस लंबी कानूनी लड़ाई का अंत है जिसमें पुलिस और कानूनी अधिकारियों को सालों तक संलिप्त रहना पड़ा। इस घटना का समाधान क्षेत्र में प्रशासनिक विलंबता का एक प्रमुख उदाहरण था, जो अब बंद हो गया है।