📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Archies2804
स्वास्थ्य
भोपाल एम्स में 14 रुपये की ट्यूब 943 में खरीदी गई, दरें 6500% तक ऊँची
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 29 अक्टू. 2026, 11:36 AM
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भोपाल एम्स के ऑडिट में सामने आया कि 14.27 रुपये की ट्यूब 943.49 रुपये में खरीदी गई थी। 300 से अधिक मेडिकल आइटम की दरें 6500 प्रतिशत तक अधिक पाई गईं।
भोपाल स्थित एम्स (AIIMS) में मेडिकल सप्लाई की खरीदारी के रिकॉर्ड की जाँच से गंभीर सवाल उठे हैं। इस समीक्षा में पाया गया कि 14.27 रुपये की एक साधारण ट्यूब को 943.49 रुपये में खरीदा गया था, जो कि वित्तीय असमानता को दर्शाता है।
यह अनियमितता केवल एक आइटम तक सीमित नहीं है। ऑडिट में पाया गया कि 125 से अधिक दवाओं और 200 से अधिक सर्जिकल आइटम की कीमतें मानक दरों से काफी अधिक थीं। कुछ मामलों में, चिह्नित कीमतें अपेक्षित बाज़ार मूल्य से 500 से 6,500 प्रतिशत तक अधिक पाई गईं।
इन खोजों ने संस्थान में खरीद प्रक्रिया की पारदर्शिता और जवाबदेही के बारे में सवाल खड़े कर दिए हैं। वास्तविक लागत और खरीद मूल्य के बीच का यह विशाल अंतर सप्लाई चेन प्रबंधन में संभावित कमजोरियों या अनियमितताओं की ओर इशारा करता है।
वर्तमान में, इन खरीदारी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों ने आरोपों का जवाब देने के लिए कोई सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया है। यह घटना मध्य प्रदेश के प्रमुख सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक मेडिकल सामग्री की खरीदारी पर कड़े निगरानी की आवश्यकता पर ध्यान खींच रही है।
यह अनियमितता केवल एक आइटम तक सीमित नहीं है। ऑडिट में पाया गया कि 125 से अधिक दवाओं और 200 से अधिक सर्जिकल आइटम की कीमतें मानक दरों से काफी अधिक थीं। कुछ मामलों में, चिह्नित कीमतें अपेक्षित बाज़ार मूल्य से 500 से 6,500 प्रतिशत तक अधिक पाई गईं।
इन खोजों ने संस्थान में खरीद प्रक्रिया की पारदर्शिता और जवाबदेही के बारे में सवाल खड़े कर दिए हैं। वास्तविक लागत और खरीद मूल्य के बीच का यह विशाल अंतर सप्लाई चेन प्रबंधन में संभावित कमजोरियों या अनियमितताओं की ओर इशारा करता है।
वर्तमान में, इन खरीदारी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों ने आरोपों का जवाब देने के लिए कोई सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया है। यह घटना मध्य प्रदेश के प्रमुख सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक मेडिकल सामग्री की खरीदारी पर कड़े निगरानी की आवश्यकता पर ध्यान खींच रही है।