📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Rediscoveronwhels
धर्म
बैतूल की बेटी ने जज की नौकरी छोड़ी, न्यायिक सेवा परीक्षा पास कर वैराग्य का मार्ग अपनाने का फैसला
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 02 नव. 2026, 09:36 AM
👁 3
मध्य प्रदेश के बैतूल की एक महिला ने न्यायिक सेवा परीक्षा पास करने के बाद भी जज की नौकरी नहीं करने का फैसला किया है। जैन समाज ने उनकी दीक्षा से पहले भव्य चल समारोह के माध्यम से विदाई दी।
मध्य प्रदेश के बैतूल जिले की एक महिला ने अपने करियर और आध्यात्मिक जीवन के बीच आध्यात्मिक जीवन को प्राथमिकता देने का फैसला किया है। न्यायिक सेवा परीक्षा में सफल होने के बावजूद, उन्होंने जज की कुर्सी पर बैठने के बजाय वैराग्य का मार्ग अपनाने का निर्णय लिया है।
उनके इस निर्णय का समर्थन स्थानीय जैन समाज ने किया है। उनकी आधिकारिक दीक्षा से पहले, जैन समुदाय ने एक भव्य चल समारोह का आयोजन किया, जिसमें उन्हें विदाई दी गई। यह समारोह उनके सामाजिक और पेशेवर जीवन से आध्यात्मिक जीवन में संक्रमण का प्रतीक था।
इस महिला को चार अन्य बहनें भी इस आध्यात्मिक यात्रा में साथ देंगी। उनकी सामूहिक दीक्षा जैन साधु-साध्वियों के जीवन में वैराग्य और आध्यात्मिक अनुशासन के प्रति उनके समर्पण को दर्शाती है।
उनके इस निर्णय का समर्थन स्थानीय जैन समाज ने किया है। उनकी आधिकारिक दीक्षा से पहले, जैन समुदाय ने एक भव्य चल समारोह का आयोजन किया, जिसमें उन्हें विदाई दी गई। यह समारोह उनके सामाजिक और पेशेवर जीवन से आध्यात्मिक जीवन में संक्रमण का प्रतीक था।
इस महिला को चार अन्य बहनें भी इस आध्यात्मिक यात्रा में साथ देंगी। उनकी सामूहिक दीक्षा जैन साधु-साध्वियों के जीवन में वैराग्य और आध्यात्मिक अनुशासन के प्रति उनके समर्पण को दर्शाती है।