📷 चित्र स्रोत: TOI India (via NewsData)
अपराध
गोल्डन ट्रायंगल की नशा व्यापार में बार्टर प्रणाली ने बढ़ावा दिया
✍️ TOI India
🗓 02 नव. 2026, 05:44 AM
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प्राधिकारियों का कहना है कि गोल्डन ट्रायंगल से भारत के उत्तर‑पूर्व तक का नशा नेटवर्क अब नकद के बजाय बार्टर लेन‑देन पर अधिक निर्भर है।
गोल्डन ट्रायंगल मार्ग की निगरानी करने वाले सुरक्षा एजेंसियों ने उत्तर‑पूर्व भारत में नशा व्यापार में बार्टर लेन‑देन के बढ़ते प्रयोग को नोट किया है। नकद के बजाय तस्कर ओपियम, हेरोइन और सिंथेटिक ड्रग्स के बदले में पकड़े गए रसायन, हथियार और स्थानीय वस्तुओं का आदान‑प्रदान कर रहे हैं।
बार्टर प्रणाली वित्तीय ट्रेसिंग को कठिन बनाती है और पहाड़ी रास्तों व नदियों के माध्यम से सीमाओं को पार करना आसान बनाती है, जहाँ गश्त कम होती है। अधिकारियों का कहना है कि इस मॉडल से पारंपरिक वित्तीय इंटेलिजेंस उपकरण कम प्रभावी हो रहे हैं।
सुरक्षा बल चेतावनी देते हैं कि बार्टर पर निर्भरता बढ़ने से तस्करी रोकने की क्षमता घट सकती है, जिससे भारत और पड़ोसी दक्षिण‑पूर्व एशिया के देशों को मिलकर निगरानी को सुदृढ़ करना पड़ेगा।
ड्रग की मात्रा अभी तक सटीक रूप से नहीं पता चल पाई है, पर यह प्रवृत्ति ट्रांस‑नेशनल तस्कर नेटवर्क की लचीलापन को दर्शाती है और क्षेत्रीय सहयोग की आवश्यकता को उजागर करती है।
बार्टर प्रणाली वित्तीय ट्रेसिंग को कठिन बनाती है और पहाड़ी रास्तों व नदियों के माध्यम से सीमाओं को पार करना आसान बनाती है, जहाँ गश्त कम होती है। अधिकारियों का कहना है कि इस मॉडल से पारंपरिक वित्तीय इंटेलिजेंस उपकरण कम प्रभावी हो रहे हैं।
सुरक्षा बल चेतावनी देते हैं कि बार्टर पर निर्भरता बढ़ने से तस्करी रोकने की क्षमता घट सकती है, जिससे भारत और पड़ोसी दक्षिण‑पूर्व एशिया के देशों को मिलकर निगरानी को सुदृढ़ करना पड़ेगा।
ड्रग की मात्रा अभी तक सटीक रूप से नहीं पता चल पाई है, पर यह प्रवृत्ति ट्रांस‑नेशनल तस्कर नेटवर्क की लचीलापन को दर्शाती है और क्षेत्रीय सहयोग की आवश्यकता को उजागर करती है।