📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Batthini Vinay Kumar Goud
राजनीति
असदुद्दीन ओवैसी ने यूपी में भाजपा व सपा पर मुसलमानों का वोट बैंक बनाकर इस्तेमाल करने का आरोप लगाया
✍️ NDTV
🗓 04 नव. 2026, 03:52 PM
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ओवैसी की पार्टी ने कहा कि भाजपा और सपा दोनों ही उत्तर प्रदेश में मुस्लिम समुदाय को केवल वोट बैंक के रूप में देख रहे हैं, जिससे चुनावी माहौल में communal तनाव बढ़ रहा है।
असदुद्दीन ओवैसी, ऑल इंडिया मजलिस‑ए‑इत्तेहादुल मुसलिमीन (AIMIM) के प्रमुख, ने अमेरिकी सीनेट चुनाव के परिणाम के बाद उत्तर प्रदेश में मुसलमानों के प्रति प्रणालीगत बहिष्कार को उजागर किया। उन्होंने कहा कि राज्य की राजनीतिक पार्टियां समुदाय को वास्तविक समस्याओं से हटाकर केवल एक निश्चित वोट बैंक की तरह देख रही हैं।
ओवैसी ने सत्ता में रहने वाली भारतीय जनता पार्टी पर मुसलमानों को लक्षित करने वाली नीतियों और बयानबाजी के लिए आरोप लगाया, जिसे वह विभाजन की ओर ले जाता है। उन्होंने क्षेत्रीय विपक्ष, समाजवादी पार्टी, पर भी समान आरोप लगाए कि वह मुस्लिम मतदाताओं को केवल वोट बैंक के रूप में देखती है, बिना ठोस विकास वादे दिए।
ये बयान उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावी दौर के बीच आए हैं, जहाँ राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दोनों पार्टियां सत्ता के लिए संघर्ष कर रही हैं। ओवैसी का उद्देश्य AIMIM को समावेशी राजनीति की आवाज़ के रूप में स्थापित करना और यह दिखाना है कि मुस्लिम वोट को स्वाभाविक नहीं माना जा सकता।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के आरोप चुनावी माहौल में साम्प्रदायिक तनाव को बढ़ा सकते हैं, जिससे राज्य के 403 विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता व्यवहार प्रभावित हो सकता है।
ओवैसी ने सभी पार्टियों से अपील की कि वे मुस्लिम समुदाय की सामाजिक‑आर्थिक जरूरतों को सच्ची नीति‑निर्माण के माध्यम से पूरा करें, क्योंकि स्थायी राजनीतिक समर्थन केवल दिखावे से नहीं, बल्कि वास्तविक पहुंच से ही मिल सकता है।
ओवैसी ने सत्ता में रहने वाली भारतीय जनता पार्टी पर मुसलमानों को लक्षित करने वाली नीतियों और बयानबाजी के लिए आरोप लगाया, जिसे वह विभाजन की ओर ले जाता है। उन्होंने क्षेत्रीय विपक्ष, समाजवादी पार्टी, पर भी समान आरोप लगाए कि वह मुस्लिम मतदाताओं को केवल वोट बैंक के रूप में देखती है, बिना ठोस विकास वादे दिए।
ये बयान उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावी दौर के बीच आए हैं, जहाँ राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दोनों पार्टियां सत्ता के लिए संघर्ष कर रही हैं। ओवैसी का उद्देश्य AIMIM को समावेशी राजनीति की आवाज़ के रूप में स्थापित करना और यह दिखाना है कि मुस्लिम वोट को स्वाभाविक नहीं माना जा सकता।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के आरोप चुनावी माहौल में साम्प्रदायिक तनाव को बढ़ा सकते हैं, जिससे राज्य के 403 विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता व्यवहार प्रभावित हो सकता है।
ओवैसी ने सभी पार्टियों से अपील की कि वे मुस्लिम समुदाय की सामाजिक‑आर्थिक जरूरतों को सच्ची नीति‑निर्माण के माध्यम से पूरा करें, क्योंकि स्थायी राजनीतिक समर्थन केवल दिखावे से नहीं, बल्कि वास्तविक पहुंच से ही मिल सकता है।