📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
विज्ञान
‘विकसित भारत बिल्डथॉन’ के 10 विजेताओं की घोषणा, बम खोजेगा मकड़ी रोबोट, एआई बताएगा बीमारी
✍️ Amar Ujala
🗓 30 अक्टू. 2026, 06:51 AM
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विकसित भारत बिल्डथॉन ने 10 विजेताओं की घोषणा की, जिसमें बम पहचानने वाला मकड़ी रोबोट और बीमारी बताने वाला एआई सिस्टम शामिल हैं।
विकसित भारत बिल्डथॉन, जो युवा नवप्रवर्तकों को प्रोत्साहित करने के लिए आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता है, ने शनिवार को अपने 10 विजेताओं की घोषणा की। अधिकांश प्रतिभागी स्कूल‑उम्र के छात्र थे, जिन्होंने बम पहचानने वाले मकड़ी‑आकार के रोबोट से लेकर लक्षणों के आधार पर संभावित बीमारी सुझाने वाले एआई अनुप्रयोग तक के प्रोटोटाइप प्रस्तुत किए।
जजों ने परियोजनाओं की व्यावहारिक उपयोगिता की सराहना की, यह कहते हुए कि बम‑खोजी रोबोट सार्वजनिक स्थानों में सुरक्षा बलों की मदद कर सकता है, जबकि एआई निदान उपकरण दूरस्थ क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ कर सकता है। तकनीकी सम्भावना, नवीनता और सामाजिक प्रभाव को ध्यान में रखकर विजेताओं का चयन किया गया।
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के आयोजकों ने इस कार्यक्रम को ‘विकसित भारत’ पहल के हिस्से के रूप में बताया, जिसका उद्देश्य देश के युवाओं में वैज्ञानिक जिज्ञासा को बढ़ावा देना है। विजेताओं को नकद इनाम, उद्योग विशेषज्ञों से मार्गदर्शन और अनुसंधान संस्थानों के साथ अपने प्रोटोटाइप को आगे विकसित करने के अवसर मिलेंगे।
पैंडेमिक प्रतिबंधों के कारण यह बिल्डथॉन वर्चुअल रूप में आयोजित हुआ, जिसमें भारत भर से 2,000 से अधिक प्रविष्टियां आईं, जो रोबोटिक्स, एआई और उभरती तकनीकों में युवा छात्रों की बढ़ती रुचि को दर्शाती हैं।
जजों ने परियोजनाओं की व्यावहारिक उपयोगिता की सराहना की, यह कहते हुए कि बम‑खोजी रोबोट सार्वजनिक स्थानों में सुरक्षा बलों की मदद कर सकता है, जबकि एआई निदान उपकरण दूरस्थ क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ कर सकता है। तकनीकी सम्भावना, नवीनता और सामाजिक प्रभाव को ध्यान में रखकर विजेताओं का चयन किया गया।
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के आयोजकों ने इस कार्यक्रम को ‘विकसित भारत’ पहल के हिस्से के रूप में बताया, जिसका उद्देश्य देश के युवाओं में वैज्ञानिक जिज्ञासा को बढ़ावा देना है। विजेताओं को नकद इनाम, उद्योग विशेषज्ञों से मार्गदर्शन और अनुसंधान संस्थानों के साथ अपने प्रोटोटाइप को आगे विकसित करने के अवसर मिलेंगे।
पैंडेमिक प्रतिबंधों के कारण यह बिल्डथॉन वर्चुअल रूप में आयोजित हुआ, जिसमें भारत भर से 2,000 से अधिक प्रविष्टियां आईं, जो रोबोटिक्स, एआई और उभरती तकनीकों में युवा छात्रों की बढ़ती रुचि को दर्शाती हैं।